सावन के अंतिम सोमवार को पड़ रही है बक़रीद अब क्या करेंगे योगी?

सावन के अंतिम सोमवार को पड़ रही है बक़रीद


अब क्या करेंगे योगी?


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार कहा था कि जब हम किसी को सड़क पर नमाज पढ़ने से या फिर लाउडस्पीकर पर होने वाली आजन को नहीं रोक सकते हैं तो कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे या माइक के प्रयोग पर प्रतिबंध कैसे लगाया जा सकता है। इस पर काफी हो-हल्ला हुआ था, लेकिन योगी जी अपने बयान पर आज भी अडिग हैं। वह अपनी सोच से जरा भी पीछे नहीं हटे हैं। इसीलिए श्रावण मास में होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीते वर्ष की तरह इस बार भी गंभीर और चौकन्ने हैं। उन्होंने कहा है कि पिछली बार की तरह इस बार भी कांवड़ ले जा रहे शिव भक्तों पर हेलिकाप्टर से पुष्प वर्षा होगी। गौरतलब हो कि पिछली बार कई जगह पर कुछ उपद्रवियों ने कांवड़ यात्रा में व्यवधान डालने की कोशिश की थी, जिससे माहौल भी खराब हो गया था।
श्रावण या सावन मास में भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है। यह हिंदू पंचांग का पांचवां महीना होता है जबकि अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक यह जुलाई और अगस्त में आता है। सावन माह में सोमवार व्रत की अपनी अहमियत है। ऐसी मान्यता है कि सावन का महीना भगवान शंकर को काफी पसंद है। इसलिए भक्तजन इस महीने में प्रत्येक सोमवार को व्रत रखते हैं। इस महीने में सावन स्नान की परंपरा है, जिसे पिछले कई दशकों से लोग निभाते हुए आ रहे हैं। सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा के दौरान बेल पत्र से पूजा-अर्चना की जाती है और जल चढ़ाया जाता है। हिंदू धार्मिक ग्रंथ शिव पुराण के मुताबिक जो व्यक्ति सावन के महीने में सोमवार का व्रत रखता है, उसकी मनोकामना भगवान शिव पूरी करते हैं। यही वजह है कि सावन के महीने में शिव भक्त ज्योर्तिलिंगों के दर्शन करने के लिए जाते हैं। इसमें हरिद्वार, काशी, नासिक और उज्जैन समेत कई धार्मिक स्थान शामिल हैं। श्रावण मास शिव भक्तों के लिए काफी अहम है। इसी महीने में भक्त कांवड़ यात्रा पर निकलते है। इस साल कांवड़ यात्रा की शुरुआत 17 जुलाई से होगी। शिव भक्त इस दौरान लाखों की संख्या में हरिद्वार और गंगोत्री समेत अनेक धामों की यात्रा करेंगे।
एक तरफ शिव भक्त सावन की शुरूआत का बेताबी से इंतजार कर रहे हैं तो दूसरी तरफ योगी सरकार और शासन-प्रशासन के लिए सावन के महीने में शांति व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है। पिछली बार कई जगह प्रशासनिक चूक की वजह से माहौल खराब होते देखा गया था। अबकी बार सीएम ने सभी जिलाधिकारियों तथा पुलिस अधीक्षकों को हर जगह पर सुरक्षा-व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने का निर्देश दिया है। योगी ने कहा है कि कांवड़ यात्रा के दौरान इस बार भी डीजे व माइक के प्रयोग पर प्रतिबंध नहीं रहेगा, लेकिन डीजे पर सिर्फ भजन बजाने की ही अनुमति होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करायेंगे कि डीजे पर फिल्मी और अश्लील गाने न बजाये जायें। सावन माह में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा की सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर लोक भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर रहे मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग माहौल बिगाडने की लगातार साजिश रच रहे हैं। ऐसे लोगों के मंसूबों को कतई कामयाब नहीं होने देना है। अराजकता फैलाने की कोशिश करने वाले लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाये। योगी ने पुलिस व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि इस कार्रवाई का दायरा अराजकता फैलाने वालों को संरक्षण देने वालों तक होना चाहिए। सभी अधिकारी कुंभ मेला की व्यवस्था से सीख लें। कांवड़ियों की सुरक्षा की हेलीकॉप्टर से निगरानी के साथ ही उन पर पुष्प वर्षा भी की जाए। यह भी सुनिश्चित कर लिया जाए कि शिवालयों के पास मांस-मदिरा की दुकानें न हों। कांवड़ यात्रा के रास्तों में सफाई का खास ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा है कि कांवड़ यात्रियों पर हेलिकॉप्टर से फूल और पंखुड़ियां बरसाने का बंदोबस्त किया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से उन परेशानियों को चिन्हित करने को कहा जो कांवड़ यात्रा के दौरान आड़े आ सकती हैं।
कांवड़ यात्री बिना किसी परेशानी के अपनी सुखद यात्रा पूरी कर सकें इसके लिए प्रत्येक जोन, जिला और मंडल स्तर पर विभागीय बैठकें करने और आपस में तालमेल बिठाने का आदेश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने खासकर महिलाओं की सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिए कड़े बंदोबस्त किये जायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में अभी हाल में बीते कुंभ महोत्सव की तर्ज पर ही कांवड़ यात्रा की तैयारी की जाए। सभी अधिकारियों को उनके इलाके में शिव मंदिरों की पहचान करने और वहां पेयजल, स्वच्छता, बिजली और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। योगी आदित्यनाथ ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर या जिस जगह कांवड़ यात्री ठहरते हैं, वहां शराब के ठेके और अवैध बूचड़खाने नहीं चलने चाहिए। दरअसल, कांवड़ यात्रा को लेकर योगी की चिंता यों ही नहीं बढ़ी हुई है। इस साल बकरीद और कांवड़ यात्रा का अंतिम सोमवार यानि श्रावण मास का अंतिम सोमवार एक ही दिन 12 अगस्त को है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि उस दिन पशुओं के अवैध वध की इजाजत नहीं होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान बकरीद पड़ने से संवेदनशीलता ज्यादा होगी। लिहाजा अधिकारी यह सुनिश्चित करायें कि कहीं कोई नई परंपरा शुरू न हो। प्रतिबंधित श्रेणी का कोई पशु न काटा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी जेलों का नियमित निरीक्षण करें। सभी जिले में एसएसपी-एसपी प्रतिदिन एक थाने का निरीक्षण करें। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डीएम व एसएसपी-एसपी सात दिनों के भीतर भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों की सूची तैयार कर शासन को भेजें।